ग़ज़ब का खेल! 10 बजे शटर बंद … शराब फिर भी मिलेगी ।

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ग़ज़ब का खेल! 10 बजे शटर बंद … शराब फिर भी मिलेगी ।

रात 10 बजे के बाद नियमानुसार शराब की दुकानों के शटर बंद कर दिए जाते हैं। शटर बंद होने के बावजूद ग्राहक शटर खटखटाते दिखाई देते हैं। इसके बाद ग्राहक अपनी पसंद का ब्रांड बताते हैं, शटर के नीचे से पैसे देते हैं और उसी रास्ते शराब की बोतल बाहर थमा दी जाती है। ये पूरा घटनाक्रम पुलिस व आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है।

By (@newspunch) August 10, 2026 3196 views

नेत्रपाल सिंह : संवाददाता (मथुरा)

मथुरा। धर्मनगरी मथुरा में शराब बिक्री के नियम-कायदों को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहला मामला मंडी चौराहे से चंद कदमों की दूरी पर मौजूद आजाद नगर स्थित मॉडल शॉप का सामने आया है जहाँ रात दस बजे शटर बंद होने बाद भी शराब बेचने का दावा किया जा रहा है जिसकी कई तस्वीरें सोसल मीडिया पर वायरल हो रहीं है ।

 

दूसरा मामला कोतवाली क्षेत्र में जिला अस्पताल पुलिस चौकी के इलाके में पुराने बस अड्डे के सामने स्थित एक मॉडल शॉप का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में रात के समय दुकान का शटर उठाकर शराब की बिक्री किए जाने का दावा किया जा रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि आधी रात के बाद दुकान का शटर उठाकर शराब बेची जा रही थी, तो पुलिस और आबकारी विभाग की निगरानी आखिर कहां थी? जिस स्थान पर यह दुकान स्थित है, वह शहर के प्रमुख और व्यस्त इलाकों में शामिल है तथा आसपास पुलिस की आवाजाही भी रहती है। इसके बावजूद देर रात दुकान खुलने और कथित तौर पर शराब बिक्री का वीडियो सामने आना पुलिस की गश्त और आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

शटर बंद करने का नियम या सिर्फ दिखावा?

शराब की दुकानों के संचालन के लिए निर्धारित समय और नियम हैं। ऐसे में यदि वायरल वीडियो और तसवीरों में दिखाई दे रहा घटनाक्रम सही है, तो यह गंभीर जांच का विषय है कि निर्धारित समय के बाद दुकान का शटर क्यों उठाया गया और वहां शराब की बिक्री किसकी अनुमति से हुई। वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद स्थानीय लोगों के बीच भी चर्चा शुरू हो गई है कि जब शहर के बीचोंबीच और पुलिस चौकी के नजदीक ऐसी गतिविधि हो सकती है, तो शहर के दूसरे इलाकों में निगरानी व्यवस्था का क्या हाल होगा?

मिलीभगत के आरोपों की भी हो जांच ।


वायरल वीडियो और तसवीरों के आधार पर कुछ लोग पुलिस और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर मिलीभगत के आरोप लगा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। यदि देर रात अवैध रूप से शराब बिक्री की पुष्टि होती है तो संबंधित दुकान संचालक के साथ-साथ निगरानी में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। अब देखने वाली बात यह होगी कि वायरल वीडियो पर पुलिस और आबकारी विभाग संज्ञान लेते हैं या फिर यह मामला भी कागजी कार्रवाई और खानापूर्ति तक सिमटकर रह जाता है। शहरवासियों की निगाहें अब जिम्मेदार विभागों की कार्रवाई पर टिकी हैं।